Rajendra Kumar के इन हथकंडों ने बर्बाद किया बेटे Kumar Gaurav का फिल्मी करियर

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बॉलीवुड में कुमार गौरव की पहली कामयाबी बेशक राजेन्द्र कुमार के ट्रैक रिकॉर्ड से जुड़ा हुआ था. जुबली कुमार के इस बेटे को परदे पर देखना दर्शकों के लिए एक नया अनुभव साबित हुआ और उनकी पहली फिल्म ‘लव स्टोरी’ जबरदस्त कामयाब रही .लेकिन इस कामयाबी को दोनों बाप-बेटों ने टेक फॉर ग्रांटेड ले लिया जिसका नतीजा जल्द ही सामने आ गया .

सच्चाई तो ये है कि कुमार गौरव ने अपनी पहली कामयाबी को गंभीरता से लिया ही नहीं .फिल्मों से ज्यादा उनकी रूचि अभिनेत्रियों से रोमांस में होने लगी .विजयेता पंडित से लेकर पद्मिनी कोल्हापुरे तक उनके रोमांस की ख़बरें सुर्ख़ियों में आने लगी. ‘लव स्टोरी’ के बाद उनकी एक लाइन से कई फ़िल्में फ्लॉप होने लगी .लेकिन इस नाकामयाबी से कुमार से ज्यादा राजेन्द्र कुमार बौखला गए और बेटे की फिल्मों को हिट करवाने के लिए अजीब-अजीब हरकतें करने लगे .
1983 में कुमार गौरव की एक फिल्म आई ‘लवर्स’ .इसके पहले उनकी आई तीन फ़िल्में ‘तेरी कसम,स्टार्स,रोमांस सभी फ्लॉप रही .इसलिए लवर्स ने उनके करियर के लिए DO OR DIE जैसे हालात पैदा कर दिए .उनका भविष्य इस फिल्म पर टिका था .लेकिन ये फिल्म भी बुरी तरह फ्लॉप हो गई .कुमार के पिता राजेंद्र कुमार इस फिल्म की नाकामयाबी से बुरी तरह बौखला गए .पहले तो उन्होंने इस फिल्म की असफलता को स्वीकार ही नहीं किया लेकिन जब बॉक्स ऑफिस की रिपोर्ट आने लगी तो राजेन्द्र कुमार ने एक नया खेल शुरू कर दिया .उन्होंने मुंबई के सभी बड़े थियेटर्स के टिकट खरीदने शुरू कर दिए ताकि इस फिल्म को हिट करार दिया जा सके. इस तरह उन्होंने लाखों टिकट खरीद डाले लेकिन खाली थियेटरों ने उनके दावों की पोल खोल दी .जब ये दांव नहीं चला तो राजेन्द्र कुमार ने दुसरे हफ्ते फिल्म थियेटरों से उतरवा ली और उसमें नए गाने जोड़कर फिल्म को फिर से रिलीज करवाया .लेकिन इसका भी कोई फायदा नहीं हुआ .
लगातार चार फ्लॉप फ़िल्में देने के बाद कुमार गौरव पर फ्लॉप एक्टर का लेबल चस्पां हो चुका था .लेकिन इस झटके से भी कुमार गौरव संभले नहीं .राजेन्द्र कुमार ने भी बेटे को अपने हाल पर छोड़ दिया. 1986 तक सात और फ़िल्में देकर कुमार गौरव पूरी तरह घर बैठ चुके थे .

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