जानिए ! क्या हुआ जब फिल्म’संगम’ के लेखक ने राज कपूर को मार दिया थप्पड़

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राज कपूर एक महान फिल्म निर्माता ही नहीं बल्कि एक महान इंसान भी थे. वो प्रतिभा की क़द्र करते थे और आपसी रंजिश को कभी काम पर हावी नहीं होने देते थे. मसलन कॉपीराईट इश्यु को लेकर उनका हमेशा लता मंगेशकर से 36 का आंकड़ा रहता था इसके बावजूद लता जी ने उनकी हर फिल्मों के लिए गाना गाया. राज कपूर की इस प्रोफेशनलिज्म का एक बड़ा उदाहरण तब सामने आया जब लेखक इंदर राज आनंद ने किसी बात पर नाराज होकर राज कपूर को थप्पड़ जड़ दिया. इसके बावजूद राज कपूर ने फिल्म ‘संगम ‘ लिखने की जिम्मेदारी उन्हें ही सौंप दी.

साल 1964 में फिल्म ‘संगम’ के मुहूर्त पर राज कपूर ने एक शानदार पार्टी का आयोजन किया. इस पार्टी में फिल्म के लेखक इंदर राज आनंद भी मौजूद थे. पार्टी में किसी बात को लेकर राज कपूर और आनंद में बहस छिड़ गई जिससे नाराज होकर आनंद ने राज कपूर को थप्पड़ जड़ दिया.आनंद की इस हिमाकत से नाराज पूरी फिल्म इंडस्ट्री ने राज कपूर का साथ देते हुए उनका बॉयकर्ट कर दिया. ये खबर जब बाहर फ़ैली तो कई दूसरे निर्माताओं ने भी आनंद को अपनी फिल्म से निकाल बाहर किया और इस तरह आनंद के हाथों से एक के बाद एक 18 फ़िल्में निकल गई. इंदर राज आनंद बड़े लेखक थे और उनका काफी रूतबा था. शायद इसी आत्मविश्वास के कारण उनका हाथ राज कपूर के गिरेबान तक पहुंच गया था.

जब इंडस्ट्री ने आनंद का बॉयकर्ट शुरू किया तो वो काफी टेंशन में आ गए. ज्यादा तनाव के कारण उन्हें दिल का दौरा भी पड़ा और उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ गया. आनंद की हालत ख़राब होने की खबर जब राज कपूर तक पहुंची तो उन्हें काफी दुःख हुआ और उनका हालचाल लेने अस्पताल पहुंच गए. अस्पताल में आनंद की ख़राब हालत देखकर राज कपूर का दिल पसीज गया और उन्होंने उन्हें माफ़ करते हुए वापस फिल्म लिखने की जिम्मेदारी सौंप दी. राज कपूर के इस कदम के बाद इंडस्ट्री ने भी इंदर राज आनंद को माफ़ कर दिया और हालात पहले जैसे ही हो गए. ये थी राज कपूर की महानता. बता दें कि इंदर राज आनंद अभिनेता टीनू आनंद के पिता थे.

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