Rajesh Khanna (Part-4) : जतिन खन्ना से राजेश खन्ना बनने के लिए मुफ्त में करनी पड़ी पहली फिल्म

0
474
टैलेंट हंट कंटेस्ट जीतने के बाद भी राजेश खन्ना को कोई काम नहीं मिला और वो काम मांगने के लिए स्टूडियो-दर-स्टूडियो भटकते रहे. कई जगह उन्हें स्क्रीन टेस्ट देने का मौक़ा भी मिला लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली. उन दिनों रमेश सिप्पी अपने पिता जीपी सिप्पी के लिए फिल्म ‘राज़’ के निर्माण की प्लानिंग कर रहे थे. सीनियर सिप्पी ने खन्ना के नाम की सिफारिश करते हुए रमेश को उनसे मिलने को कहा. मुलाक़ात अच्छी रही और राजेश खन्ना को इस फिल्म के लिए साइन कर लिया गया. इन्हीं दिनों चेतन आनंद ने फिल्म ‘आख़िरी ख़त’ के लिए खन्ना को अप्रोच किया. इस तरह खन्ना ने एक साथ दो फ़िल्में साइन कर ली.

एक दिन खन्ना अपने पिता से मिलने उनके ऑफिस गए, जहां उनकी मुलाकात यश चोपड़ा के असिस्टेंड के.के.तलवार से हुई. तलवार रिश्ते में खन्ना के मामा लगते थे. बातचीत के दौरान उन्होंने खन्ना से कहा कि तुम्हारा नाम जतिन, हीरो के मुताबिक़ नहीं लगता. बेहतर है तुम अपना नाम जतिन से बदल कर राजेश रख लो. तलवार ने उन्हें राजेश का मतलब समझाते हुए कहा की राजेश का मतलब होता है राजाओं का राजा यानी महाराजा. जतिन को ये नाम भा गया और उन्होंने हामी भर दी. इस तरह काका जतिन से राजेश खन्ना हो गए.

सिप्पी ने उन्हें जतिन नाम से ही कास्ट किया था. बाद में काका ने बड़ी खुशामद कर फिल्म की कास्ट लिस्ट में अपना नाम जतिन से राजेश खन्ना करवाया. लेकिन इस क्रम में सिप्पी के फिल्म के ढाई लाख रुपये खर्च हो गए, जिसे खन्ना के मेहनताने से काटा गया और इस तरह खन्ना को अपनी पहली फिल्म लगभग मुफ्त में करनी पडी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here