Rajesh Khanna (Part-22) : डिंपल के जाते ही लौटी खुशियां, फिर से छा गए खन्ना

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डिंपल कपाडिया के दिए गए शॉक ट्रीटमेंट और फ्लॉप होती फिल्मों की लिस्ट से परेशान राजेश खन्ना के लिए 1983 का साल कई नई खुशियां लेकर आया. टीना अंबानी ने डिंपल की खाली जगह भर दी और फिल्म सौतन की धमाकेदार सफलता ने उन्हें फिर से रेस में ला खड़ा कर दिया. जो लोग राजेश खन्ना को गुजरा हुआ कल मानकर उनसे किनारा करने में जुटे थे वो फिर से खन्ना के आस-पास मंडराने लगे और आशीर्वाद में लगने वाली शाम की महफ़िल फिर से गुलज़ार हो गई. साल 1983 को रिटर्न ऑफ राजेश खन्ना भी कहा जाता है. आइये जानते हैं क्यों..?

सौतन के क्लाइमैक्स को लेकर शक्ति सामंत ने कुछ निगेटिव टिप्पणी की थी जिसकी वजह से खन्ना चाहते थे की निर्देशक सावन कुमार क्लाइमैक्स को बदल दें लेकिन वो इसके लिए तैयार नहीं हुए. जब सौतन रिलीज हुई तो नाराज खन्ना फिल्म के प्रीमियर पर भी नहीं पहुंचे. लेकिन जल्द ही फिल्म को हिट करार दे दिया गया. ये खुद खन्ना के लिए एक बड़ा सरप्राइज था. खन्ना के साथ इंडस्ट्री के लिए इससे भी बड़ा सरप्राइज था मोहन कुमार की फिल्म ‘अवतार’ का सुपर हिट साबित होना… इस फिल्म में खन्ना ने एक मजबूर पिता का रोल किया था. अवतार के रोल के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर की कैटेगरी में नोमिनेट भी किया. खन्ना की जबरदस्त अदाकारी से दर्शकों के दिल ऐसे पसीजे की बॉक्स ऑफिस पर नया रिकॉर्ड कायाम हो गया. जल्द ही उनकी तीसरी फिल्म ‘अगर तुम ना होते’ भी हिट रही और खन्ना फिर से छा गए. ऐसा लगता था जैसे डिंपल के साथ खन्ना के करियर पर छाया ग्रहण भी चला गया. कुल मिलाकर ये साल खन्ना के लिए काफी सफल साबित हुआ और लोगों ने मान लिया कि खन्ना को अभी दौर से बाहर नहीं माना जा सकता.

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