जब मुमताज़ ने राजेश खन्ना को हिंसक भीड़ के हाथों पिटने से बचाया

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60-70 के दशक में राजेश खन्ना की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि खन्ना को अपनी कार की सेफ्टी के लिए बॉडीगार्ड रखना पड़ता था. खासकर लड़कियां जहां भी खन्ना की कार खड़ी देखती उसे चूम -चूम कर लाल कर देती. उनके इस स्टारडम के कारण उनके निर्माता-निर्देशक आउटडोर शूटिंग के लिए जल्दी तैयार नहीं होते थी. क्योंकि खुले में भीड़ के बीच खन्ना को लेकर शूटिंग उनकी सुरक्षा के मद्दे नजर बड़ा रिस्की साबित हो जाता था. तमाम सावधानियों के बावजूद एक बार ऐसी घटना घट ही गई जब खन्ना को जान के लाले पड़ गए.

साल 1970 में राजेश खन्ना पुणे के पास एक गांव में फिल्म ‘दुश्मन’ की शूटिंग कर रहे थे. खन्ना की शूटिंग की बात सुनकर गांव के काफी लोग वहां जमा हो गए. शूटिंग रात दो बजे तक चलती रही और भीड़ को जहां जगह मिली वहां से शूटिंग देखती रही. 2 बजे शूटिंग ख़त्म हुई तो भीड़ धीरे-धीरे खन्ना के आस-पास जमा होने लगी. वो अपने प्रिय स्टार को नजदीक से देखना चाहते थे, उन्हें छूना चाहते थे. पहले तो खन्ना ने इसे फैंस का प्यार समझकर हलके में लिया, लेकिन जल्द ही भीड़ बेकाबू होने लगी. उन्होंने खन्ना को खींचना शुरू कर दिया, भीड़ ने उनके कपड़े तक फाड़ डाले.

मामला बिगड़ते देख राजेश खन्ना ने एक फैंस को थप्पड़ मार दिया, तो भीड़ और उग्र हो उठी और खन्ना के साथ धक्कामुक्की करने लगी. अब खन्ना मदद के लिए जोर-जोर से यूनिट को आवाज लगाने लगे. उनकी आवाज सुनकर अभिनेत्री मुमताज़ दौड़ी आई. उन्हें भी भीड़ का सामना करना पड़ा. लेकिन मुमताज़ ने बहादुरी दिखाते हुए भीड़ को खन्ना से दूर धकेला और बड़ी मुश्किल से खन्ना को भीड़ से बचाकर दूर ले जाने में सफल रही. कभी-कभी फैंस भी स्टार्स के लिए मुसीबत का कारण बन जाते हैं.

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