जब दिलीप कुमार के कारण सड़क पर पहुंच गया मनमोहन देसाई का पूरा परिवार

0
322
दिलीप कुमार के बारे में कहा जाता है कि इंडस्ट्री के बड़े-बड़े निर्माताओं के लिए उन्हें अपनी फिल्म में साईन करना आसान नहीं था. दिलीप कुमार खुद तय करते थे कि उन्हें किसके साथ काम करना और किसके साथ नहीं. अगर उन्होंने फिल्म साइन कर भी ली तो निर्माताओं को उनके इशारे पर नाचना पड़ता था और जो भी ऐसा करने से मना करता उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती थी. एक बार मनमोहन देसाई के पिता किकु भाई देसाई ने उन्हें अपनी फिल्म में लेने की गलती की जिसका नतीजा ये निकला कि फिल्म रिलीज होने के बाद उनका पूरा परिवार रोटी-रोटी को मोहताज हो गया.

मनमोहन देसाई के पिता किकु भाई देसाई इंडस्ट्री के सबसे अमीर निर्माता माने जाते थे. उनकी मिलिकियत में पारामाउंट स्टूडियो भी शामिल था, जो उस समय का सबसे मंहगा फिल्म स्टूडियो माना जाता था. उन्होंने एक फिल्म के लिए दिलीप कुमार को साइन किया. इस फिल्म को लेकर किकुभाई ने काफी पैसे खर्च किये लेकिन दिलीप कुमार के असहयोग के कारण ये फिल्म बीच में ही अटक गई जिसके कारण किकुभाई को काफी नुकसान उठाना पडा. इसकी भरपाई के लिए दिलीप कुमार ने उन्हें अगली फिल्म ‘ब्लफमास्टर’ में सायरा बानो को साइन करने की सलाह दी जो उन दिनों जंगली की सफलता के बाद बड़ी हीरोइन बन चुकी थी. किकुभाई ने दिलीप कुमार की सलाह मानते हुए सायरा को इस फिल्म के लिए साइन कर लिया.

असली परेशानी तो अब शुरू हुई. दिलीप कुमार शूटिंग के दौरान सायरा के लिए महंगे कॉस्टयूम की डिमांड करते और किकुभाई को ये डिमांड पूरी करनी पड़ती. जैसे-तैसे फिल्म पूरी हो ही गयी. लेकिन रिलीज से ठीक पहले सायरा बानो ने किकुभाई के सामने ये शर्त रख दी कि फिल्म को टेक्नीकलर में रिलीज किया जाए. इसका मतलब ये था कि फिल्म के प्रिंट को विदेश भेजकर उसे रंगीन बनाया जाए. कर्ज में डूबे किकुभाई को ना-नुकुर करते थे सायरा बानो भी जिद्द पर अड़ गयी और दिलीप कुमार भी उनके समर्थन में आ खड़े हुए. किकुभाई को उनकी बात माननी पडी. फिल्म जबरदस्त फ्लॉप साबित हुई. किकुभाई का स्टूडियो भी बिक गया और वो बड़े कर्जे में फंस गए. उन्हें स्टूडियो के अलावा अपना घर भी बेचना पड़ा और पूरा परिवार सड़क पर पहुंच गया.

किकुभाई के बेटे मनमोहन देसाई ने फिल्म ‘छलिया’ से बॉलीवुड में एंट्री ली और धीरे-धीरे बॉलीवुड के नंबर वन डाइरेक्टर बन गए लेकिन उन्होंने दिलीप कुमार को कभी माफ़ नहीं किया. एक बार जब लोगों ने उन्हें दिलीप कुमार को लेकर फिल्म बनाने की सलाह दी तो उनका कहना था भले ही दिलीप कुमार बहुत बड़े आर्टिस्ट हैं लेकिन उनकी फिल्म को थियेटरों में एक हफ्ते भी नहीं चलाया जा सकता. तो भला वो ऐसे आर्टिस्ट को लेकर फिल्म क्यों बनाएं ?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here