जब फिल्म की कामयाबी से आई दिलीप कुमार और मनोज कुमार के रिश्तों में दरार

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इंडस्ट्री में दिलीप कुमार का मनोज कुमार से बड़ा भक्त मिलना मुश्किल है. दिलीप कुमार की फिल्म ‘शहीद’ देखने के बाद ही मनोज कुमार को एक्टर बनने का ख्याल आया था और वो इस सपने के साथ मुंबई भी आ गये और सफल भी रहे. मनोज कुमार को हमेशा दिलीप कुमार की कार्बन कॉपी ही माना जाता रहा क्योंकि वो एक्टिंग में हमेशा दिलीप साहब की ही कॉपी करते थे और उन्हें अपना आइडल मानते थे. दिलीप कुमार को भी मनोज कुमार से काफी लगाव था और वो उन्हें छोटे भाई की तरह मानते थे. लेकिन आगे चलकर कुछ ऐसा हुआ कि दोनों के रिश्ते इतने खराब हो गए कि जब मनोज कुमार के पिता की मौत हुई तो दिलीप साहब देखने भी नहीं गए.

1986 में मनोज कुमार ने दिलीप कुमार के साथ फिल्म ‘क्रांति’ बनाई और ये फिल्म हिट हो गई. इन्हीं दिनों जब किसी ने मनोज कुमार से फिल्म की कामयाबी में दिलीप कुमार के कंट्रीब्यूशन के बारे में पूछा तो मनोज कुमार का कहना था कि ये मनोज कुमार की फिल्म है ना कि दिलीप कुमार की. दिलीप साहब तो फिल्म के महज एक किरदार भर है. मनोज कुमार के इस बयान से दिलीप कुमार को काफी चोट पहुंची. पिछले दस सालों में ये दिलीप कुमार पहली फिल्म थी जो हिट रही थी. जाहिर है इस फिल्म की सफलता उनके लिए काफी मायने रखती थी. इसलिए जब मनोज कुमार ने दिलीप कुमार फिल्म की कामयाबी का क्रेडिट नहीं दिया तो वो नाराज हो गए.

मनोज कुमार का कहना था कि चूंकि दिलीप साहब की मार्किट इन दिनों ख़राब है इसलिए distributors ने ये फिल्म सिर्फ उनके नाम के कारण खरीदी. जब दिलीप कुमार से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस बारे में कुछ भी कहने से साफ़ मना कर दिया और फिर कभी मनोज कुमार के साथ काम ना करने का ऐलान कर दिया. इस तरह दिलीप कुमार और मनोज कुमार के रिश्ते हमेशा के लिए खराब हो गए.

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