जब डांस नहीं कर पाने के कारण Amitabh Bachchan को फिल्म से निकालने की जिद्द करने लगा डांस मास्टर

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दोस्तों ! बॉलीवुड आजकल दर्शकों की बदलती पसंद के मद्दे-नजर हमेशा नए -नए एक्सपेरिमेंट करता रहता है ताकि हम अपने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर सकें .नए साल में हम आपके लिए लेकर आए हैं ‘अमिताभ बच्चन फिल्म फेस्टिवल’ नाम की एक ख़ास सीरिज जिसमें हम अमिताभ बच्चन की फिल्मों से जुड़ी कई ऐसी बातें आपके सामने पेश करेंगे जो शायद ही आपने कहीं सूनी होगी .इस सीरिज की पहली कड़ी में हम आज बात करते हैं १९७१ में प्रदर्शित फिल्म ‘परवाना’ से जिसमें उन्होंने हीरो नहीं विलेन का किरदार निभाया था .आइये जानते हैं ‘परवाना’ से जुडी कुछ अनसुनी बातें ..

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डांस अमिताभ बच्चन की शुरुआत से ही कमजोरी रही है हालांकि आगे चलकर उन्होंने डांस की एक यूनिक शैली डेवलप कर ली लेकिन शुरुआत में डांस करने के नाम से ही उनके हाथ-पैर फूल जाते थे. फिल्म ‘बॉम्बे टू गोवा में जब महमूद साहब ने उन्हें डांस की सिचुएशन दी तो अमिताभ बच्चन घबरा कर रोने लगे थे .तब महमूद ने उन्हें ढाढस बंधाते हुए खुद रिहर्सल करवाया था .खैर ..आज हम बात करते हैं अमिताभ बच्चन की फिल्म परवाना की. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन पर एक गाना फिल्माया जाना था जिसपर उन्हें डांस करना था. डांस में बच्चन का हाथ काफी तंग था इसलिए बार-बार रिहर्सल के बावजूद वो सही टेक नहीं दे पा रहे थे. अमिताभ को बार-बार रीटेक करते देख कोरियोग्राफर सुरेश भट्ट बुरी तरह भड़क गए और उन्होंने निर्देशक को आवाज लगाते हुए कहा-इस आदमी को डांस नहीं आता .ये एक्टिंग क्या ख़ाक करेगा .निकालो इसको फिल्म से बाहर .हालाँकि सुरेश भट्ट ने काफी जोर लगाया लेकिन सीनियर कलाकार ओमप्रकाश की सरपरस्ती के कारण अमिताभ को फिल्म से नहीं निकाला गया .

ओमप्रकाश पहले ऐसे शख्स थे जिन्होंने अमिताभ बच्चन के उज्जवल भविष्य की भविष्यवाणी कर दी थी .ओमप्रकाश जब  पहले दिन बच्चन के साथ शोर्ट दे रहे थे तो बिग बी के सामने अपना डायलौग ही भूल गए .वजह पूछे जाने पर उनका कहना था की जब सामने इतना बड़ा कलाकार हो तो ऐसी गलतियाँ हो ही जाती हैं.हालांकि अमिताभ बच्चन उस समय कोई बड़ी हस्ती नहीं थे और फिल्मों में कामयाबी के लिए संघर्ष ही कर रहे थे. 

परवाना को बॉक्स  ऑफिस पर हालांकि बहुत ज्यादा सफलता नहीं मिली लेकिन इस फिल्म की कहानी से बॉलीवुड अब तक अभिभूत है .इसी कहानी पर मनमोहन देसाई ‘परवरिश’ और के राघवन ‘जॉनी गद्दार नाम से फिल्म बना चुके हैं.

परवाना में अमिताभ बच्चन के रोल के लिए पहले संजीव कुमार को अप्रोच किया गया था लेकिन उन्होंने विलेन का रोल करने से इनकार कर दिया .चूँकि अमिताभ बच्चन के पास उन दिनों कोई ख़ास काम नहीं था इसलिए उन्होंने इस फिल्म में नवीन निश्छल के सामने विलेन का रोल स्वीकार कर लिया. इस फिल्म के बाद अमिताभ ने विलेन के रोल से तौबा कर ली .सालों बाद उन्होंने 2002 में रिलीज हुई फिल्म ‘आँखें’ में विलेन का रोल निभाया .

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