जब अभिनेत्रियों के हुश्न में गिरफ्तार हुए निर्देशक

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अभिनेता अक्सर अपने को-स्टार्स से प्यार कर बैठते हैं. इनमें कई सितारे आज सुखी गृहस्थी जीवन बिता रहे हैं. कई बार डाइरेक्टर्स भी अभिनेत्रोपन के हुश्न में गिरफ्तार हो जाते हैं. लेकिन इनमें से अधिकांश प्रेम कहानियों का अंत दुखद ही होता रहा है. डालते हैं नजर एक्टर्स और डिरेक्टर्स की लव स्टोरीज पर..

आशा पारेख-नासिर हुसैन : बीते जमाने की अभिनेत्री आशा पारेख और डायरेक्टर नासीर हुसैन के प्यारे के चर्चे भी कम नहीं थे. नासिर की फिल्म ‘दिल देके देखो’ में आशा पारेख को कास्ट किया गया जो एक जबरद्स्त हिट फिल्म रही. इसके बाद आशा पारेख ने नासिर के साथ 6 और फिल्में की. जिसमें ‘तीसरी मंजिल’, ‘बहारों के सपने’ और ‘कारवां’ जैसी फिल्में भी शामिल है. कहा जाता है कि आशा पारेख शादीशुदा नासिर हुसैन से शादी करना चाहती थी, लेकिन उनके परिवार वाले इसके खिलाफ थे. आज भी आशा पारेख नासिर साहब की यादों के सहारे जी रही हैं.

साधना-आर. के. नैय्यर : 60s के दशक की स्टाइल आइकॉन साधना शिवदसानी भी डायरेक्टर आर. के. नैय्यर पर फिदा हो गई थी. आर. के. नैय्यर साधना की पहली फिल्म ‘लव इन शिमला’ के डायरेक्टर थे. पहली ही फिल्म से दोनों के बीच प्यार हो गया और 1965 में साधना ने आर. के. नैय्यर से शादी रचा ली.

वहीदा रहमान-गुरूदत्त : जमाने से कहीं आगे की फिल्में बनाने वाले गुरूदत्त वहीदा रहमान पर फ़िदा थे. वहीदा को गुरूदत्त ही मुंबई लेकर आए थे और फिल्म ‘सीआईडी’ में वैम्प का रोल भी दिया था. लेकिन फिल्म ‘प्यासा’ तक आते-आते गुरू और वहीदा की प्रेम कहानी शुरू हो गई. ‘प्यासा’ के बाद गुरूदत्त और वहीदा ने ‘चौधवी का चांद’, ‘काजग के फूल’, ‘साहिब बीवी और गुलाम’ जैसी फिल्मों में एक साथ काम किया. फिल्म-दर-फिल्म वहीदा और गुरुदत्त का अफसाना और गहरा होने लगा था. लेकिन इस प्रेम को कोई मंज़िल नहीं मिली. वहीदा के गम में गुरुदत्त ने 10 अक्टूबर, 1964 की रात जरूरत से ज्यादा ही शराब पी ली थी और अगले दिन सुबह वो मृत पाए गए.

नर्गिस-राजकपूर : राजकपूर की शादी कृष्णा राजकपूर के साथ साल 1946 में ही हो चुकी थी, लेकिन नरगिस खुद को शादीशुदा राज के प्यार में पड़ने से रोक नहीं पाई. नरगिस को राजकपूर से इस कदर प्य़ार हुआ कि उन्होंने सिर्फ आर के बैनर की फिल्मों में ही काम किया. करीब दस सालों तक चला शो मैंन राजकपूर और नरगिस का प्यार…. इन दोनों ने एक साथ 16 फिल्मों में काम किया, लेकिन शादीशुदा राजकपूर नरगिस के साथ अपने रिश्ते को कोई नाम नहीं दे सके और फिल्म ‘श्री 420’ के बाद दोनों की राहें अलग हो गई.

राज कुमार संतोषी-मिनाक्षी शेषाद्रि : डायरेक्टर राजकुमार संतोषी का दिल भी दामिनी पर आ गया था. राजकुमार संतोषी मीनाक्षी के प्यार में इस कदर डूबे थे कि उनके आंखे अपनी दामिनी से हटती ही नहीं थी. ‘घायल’ फिल्म की सफलता के बाद राजकुमार संतोषी ने मीनाक्षी को प्रपोज किया था, लेकिन मीनाक्षी ने उनके प्रपोजल को ठुकरा दिया. हालांकि इसके बावजूद भी मीनाक्षी के साथ राजकुमार संतोषी ने कई फ़िल्में की.

उर्मिला मातोंडकर-राम गोपाल वर्मा : फिल्म ‘रंगीला’ के दौरान रामू पर उर्मिला का जादू चला. रंगीला का रंग एक-दसरे पर इतना चढ़ा कि दोनों के रोमांस के चर्चे आम हो गए. फिल्म ‘रंगीला’ के अलावा ‘सत्या’, ‘कौन’, ‘जंगल’, ‘मस्त’, ‘दौड़’ और ‘भूत’ जैसी फिल्मों में रामू ने उर्मिला को ही हीरोइन के रूप में चुना. रामू का ये रंगीला अंदाज उर्मिला के साथ कई सालों तक नजर आया. एक बार तो रामू की वाइफ ने उर्मिला को थप्पड़ तक जड़ दिया था. वहीं उर्मिला सालों तक इस बात से इंकार करती रही कि उनका अफेयर रामू से हैं.

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