जब Rishi Kapoor ने की थी Jeetendra के भाई की जमकर पिटाई

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बॉलीवुड में जीतेंद्र और ऋषि कपूर की दोस्ती काफी पुरानी और गहरी रही है .दोनों ही शराब के काफी शौक़ीन थे और अक्सर इनकी महफ़िल मुंबई के सन एन सैंड होटल में जमती थी. शराब ही इन्हें एक-दूसरे के करीब लाई और इन्होने अपनी दोस्ती को लम्बे अरसे तक बनाए भी रखा .लेकिन 1982 में एक ऐसी घटना घटी जब जीतेंद्र और ऋषि कपूर आमने-सामने आ गए .हालाँकि तब ऋषि कपूर को जीतेंद्र से माफी मांगनी पड़ी थी .क्या थी वो घटना ? आइये जानते हैं…

1982 में जीतेंद्र अपने बैनर तले फिल्म ‘दीदार-ए-यार का निर्माण कर रहे थे .इस फिल्म के कार्यकारी निर्माता थे जीतेंद्र के भाई प्रसन्न कपूर .इस फिल्म में ऋषि कपूर भी काम कर रहे .प्रसन्न कपूर काफी हैंडसम शख्सियत थे और इस बात का उन्हें काफी गुमान भी था. एक दिन कुछ फोरेनर्स शूटिंग देखने आए .जहाँ उनकी मुलाक़ात प्रसन्न कपूर से हुई .विदेशी लड़कियों ने हैंडसम प्रसन्न कपूर को देख कर समझा कि शायद वही इस फिल्म के हीरो हैं .इसलिए वो ऑटोग्राफ लेने उनके पास पहुँच गई .तब प्रसन्न कपूर ने उन्हें बताया कि वो इस फिल्म के हीरो नहीं बल्कि निर्माता हैं.इस पर एक लडकी ने उनसे पूछा की वो खुद ही इतने हैंडसम हैं तो एक्टिंग क्यों नहीं करते .इस पर प्रसन्न कपूर ने वहां मौजूद ऋषि कपूर की तरफ इशारा करते हुए कहा -अगर मैं हीरो बन गया तो इन जैसों का क्या होगा .ऋषि कपूर ने प्रसन्न कपूर का ये कमेन्ट सूना तो आपे से बाहर हो गए .वो प्रसन्न कपूर से उलझ गए और उन्होंने उन्हें एक जोरदार थप्पड़ रसीद कर दिया .इस घटना के बाद ऋषि कपूर सेट छोड़ कर चले गए .

वैसे तो ये एक मजाक था लेकिन ऋषि कपूर ने इसे गंभीरता से लेते हुए कुछ ज्यादा ही रिएक्ट कर दिया था .जल्द ही उन्हें अपनी गलती का एहसास हो गया .जीतेंद्र् उनके गहरे मित्र थे और साथ ही फिल्म के निर्माता भी .जाहिर है उन्हें बुरा लगना ही था .ऋषि ने फोन कर जीतेंद्र से इस घटना के लिए माफी माँगी और जीतेंद्र ने भी बड़ा दिल दिखाते हुए इस घटना को नजर अंदाज़ कर दिया .

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