सलमा आगा : एक्टिंग की जिद्द ने सिंगर भी नहीं रहने दिया

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हिंदी सिनेमा में सलमा आगा सुरैया और नूरजहां के बाद उस धारा को आगे बढ़ाने वाली अभिनेत्री रही जिनका एक्टिंग करियर केवल उनकी सिंगिंग की वजह से फलता-फूलता रहा. दरअसल इन अभिनेत्रियों ने अपनी सिंगिंग करियर को परवान चढ़ाने के लिए एक्टिंग का सहारा लिया. सलमा आगा को भी इस सच्चाई से कोई परहेज नहीं है. 25 अक्टूबर, 1956 को पकिस्तान के कराची में जन्मी सलमा आगा मूलतः ब्रिटिश नागरिक रही हैं. पिछले साल जनवरी में उन्हें भारतीय नागरिकता मिल गई. लेकिन खुद सलमा का कहना है कि उनकी जड़ें इंडियन है न की पाकिस्तानी या ब्रिटिश. सलमा आगा के मुताबिक, ” उनके दादा जुगल किशोर मेहरा अमृतसर के पठान थे. इंडस्ट्री में राज कपूर हमारे रिश्तेदार थे. कपूर खानदान से हमारे ताल्लुकात काफी पुराने रहे हैं. इसलिए भारतीय नागरिकता पाने के लिए हम वाजिब हकदार थे, लेकिन लोगों ने इसे सियासी रंग दे दिया.

खैर… सलमा आगा की फिल्मी पारी को लेकर भी काफी भ्रांतियां हैं. सलमा आगा के मुताबिक, “राज साहब मुझे बॉलीवुड में फिल्म ‘हीना’ से लांच करना चाहते थे, लेकिन मेरी नानी ने राज साहब को इस बात के लिए मना लिया कि वो मुझे अपनी फिल्मों में ना लें. मेरी नानी नहीं चाहती थी कि मैं फिल्मों में काम करूं. इसलिए उन्होंने राज साहब से ये श्योर करने को कहा कि कोई भी निर्माता मुझे फिल्मों में चांस ना दें. जो राज कपूर मुझे लांच करना चाहते थे, वही मेरी राह के रोड़ा बन गए. लेकिन मैं हिम्मत नहीं हारी और कोशिश जारी रखी.”

लोगों का कहना है कि जब बीआर चोपड़ा ने फिल्म ‘तलाक तलाक तलाक’ बनाने का ऐलान किया तो सलमा आगा खुद इस रोल को पाने के लिए चोपड़ा साहब के पास पहुंची. जबकि इस बारे में सलमा आगा कुछ और ही कहती हैं. उनके मुताबिक, “चोपड़ा साहब से मेरी मुलाकात नौशाद साहब के घर पर हुई. मैं एक गाने के सिलसिले में नौशाद साहब से मिलने गयी थी. इत्तेफाक से चोपड़ा साहब भी ‘तलाक तलाक तलाक’ जिसका नाम आगे चलकर ‘निकाह’ रखा गया की म्यूजिक सिटिंग के लिए वहां तशरीफ लाए थे. नौशाद साहब ने जब मुझे उनसे मिलवाया तो उन्हें मेरी आवाज पसंद आई. चोपड़ा साहब चाहते थे कि मैं इस फिल्म में गाना गाने के अलावा एक्टिंग भी करूं. उनका प्रपोजल मुझे पसंद आया और मेरे परिवार को भी और इस तरह मेरी शुरुआत हो गयी.

फिल्म ‘निकाह’ ने सलमा आगा को रातों-रात स्टार बना दिया. लेकिन सलमा खुद अपनी ही सफलता का शिकार होकर रह गयी. इस फिल्म के बाद उन्होंने कई फिल्में साइन की लेकिन सारी नाकाम रही. लोगों का कहना है कि इसकी वजह खुद सलमा ही है. उन्होंने अपनी कामयाबी को गंभीरता से नहीं लिया. उनकी चर्चा फिल्मों में ज्यादा रोमांस के कारण होने लगी. सलमा आगा के मुताबिक, “लोग क्या कहते हैं ये सोचना मेरा काम नहीं है.
जहां तक कामयाबी को ना दोहरा पाने की बात है तो उसकी वजह शायद ये रही कि मैं फिल्मों का चुनाव ठीक से नहीं कर पाईं. मुझे एक जैसे ही रोल मिल रहे थे और मैंने कई ऐसी फिल्में साइन कर ली जो नहीं करनी चाहिए थी. अगर एक एक्टर खुद को एक ही दायरे में सीमित कर लेता है तो यकीनन ये उसकी सबसे बड़ी सीमा साबित होती है और मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ.

साल 1996 में आई फिल्म ‘गहरा राज’ के बाद सलमा ने एक्टिंग को अलविदा कह दिया था. 2016 में उन्होंने शार्ट फिल्म ‘बचाओ’ से वापसी की कोशिश भी की. सलमा का कहना है कि, “मैंने अगर कोशिश की होती तो मुझे रोल्स जरूर मिलते. अब मैं खुद से ज्यादा अपनी बेटियों के फिल्मी करियर के लिए ज्यादा फिक्रमंद हूं. साशा ने यशराज की फिल्म ‘औरंगजेब’ से अपनी फिल्मी पारी शुरू की थी और इन दिनों ‘एक और निकाह’ में व्यस्त हैं. सलमा आगा के मुताबिक, “फिल्मी करियर बनाने या बिगाड़ने की अब हमारी उम्र नहीं रही. इसलिए अब मैं अपनी सोशल जिम्मेदारियों को पूरी करने में जुटी हूं.”

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