इसलिए देवानंद ने दिलीप कुमार को कभी माफ़ नहीं किया

0
30
अपने पूरे करियर में दिलीप कुमार ने राज कपूर और देव आनंद के साथ केवल एक बार ही काम किया. निजी तौर पर राज कपूर के साथ उनके ताल्लुकात काफी अच्छे थे, भले ही उन्होंने फिल्म ‘अंदाज़’ के बाद फिर कभी एक साथ काम नहीं किया. लेकिन दिलीप साहब और देव आनंद के संबंध कभी अच्छे नहीं रहे. हालांकि साल 1955 में इन दोनों ने एस.एस.वासन की फिल्म ‘इंसानियत’ में एक साथ काम किया. लेकिन दिलीप साहब के लिए ये अनुभव इतना ख़राब साबित हुआ कि इन्होंने फिर कभी देव साहब के साथ काम नहीं किया. आखिर इसकी क्या वजह थी…? आइए जानते हैं…!

एस.एस.वासन साउथ इंडियन इंडस्ट्री एक बड़े निर्माता थे और वो हिंदी में बिग बजट की फ़िल्में बनाने के लिए जाने जाते थे. 1955 में उन्होंने दिलीप कुमार और देव आनंद को लेकर फिल्म इंसानियत’ की शुरुआत की. फिल्म में दिलीप कुमार एक ट्रेजिक हीरो के किरदार में थे, जबकि देव साहब का किरदार एक दम मस्तमौला प्रेमी का था जिसके हिस्से आखिर में हीरोइन आती है. दिलीप साहब ने अपने लिए ये किरदार खुद चुना था. फिल्म में दिलीप कुमार ने अपनी जबरदस्त एक्टिंग का बेहतरीन नमूना पेश किया, लेकिन जब फिल्म रिलीज हुई तब सारी वाहवाही देव आनंद लूट ले गए, जो दिलीप साहब को काफी नागवार गुजरा.

इन्हीं दिनों देव साहब और सुरैया के अंतरजातीय प्रेम का मामला इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बना हुआ था. कहते हैं इंडस्ट्री के बड़े मुसलमान फिल्ममेकर्स (जिसमें महबूब खान के आसिफ और नौशाद साहब भी शामिल थे) ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया. वो नहीं चाहते थे कि सुरैया और देव आनंद की शादी हो. बाद में इस मुहिम में दिलीप कुमार भी शामिल हो गए, लेकिन दिलीप साहब के शामिल होने की वजह ये थी कि वो खुद सुरैया को बेहद पसंद करते थे. इन लोगों ने मिलकर सुरैया की नानी को देव साहब के खिलाफ भड़काया और देव आनंद और सुरैया हमेशा के लिए एक-दूसरे से अलग हो गए. दिलीप साहब का ये कारनामा देव आनंद को पूरी उम्र टीसता रहा. एक साथ फिल्म करना तो छोडिए दोनों कभी निजी रूप से बात तक नहीं करते थे. देव आनंद ने इस दुश्मनी पूरी उम्र काफी शिद्दत से निभाया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here