SHE Web Series Review:Time है तो Pass करो

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SHE एक साइको क्राइम थ्रिलर है। लेकिन कहानी का ये तोड इम्तियाज अली के दिमाग में उनके मुताबिक जब वी मेट से पहले का है। इस कहानी को को वो सेंसर बोर्ड के हिसाब से सिनेमा में उतारने की हिम्मत नहीं कर पाए और जब ओटीटी में उन्हें मौका मिला तो पहली सर्विस उन्होंने सीधे नेट पर दे मारी। इन्हीं दो लाइनों से आप समझ गए होंगे कि कहानी का प्लाट क्या होगा .

शी की कहानी है भूमिका परदेसी की। मुंबई पुलिस की कंधे पर बिना फीते वाली सीनियर कांस्टेबल है। एसीपी फर्नांडिस को उसमें एक खास बात नजर आती है और वह उसे एक सीक्रेट मिशन पर लगा देता है। मिशन है सस्या नाम के एक गैंगस्टर के जरिए ड्रग डीलर नायक को पकड़ने का। जाहिर है एक सीधी -सादी कांस्टेबल के पास एक शरीर का हथियार ही है जिसका इस्तेमाल वो खतरनाक गैंगस्टर की मांद में घुसने के लिए कर सकती है. भूमि इस मांड में घुसने के बाद जब निकलती है तो अपने शरीर की कीमत समझ चुकी होती है. भूमि इतनी शातिर हो चुकी है कि एसीपी को भी वह इसकी झलक दिखाने से बाज नहीं आती। अब एसीपी उसे नायक के पीछे लगा देता है .लेकिन इस खेल में नायक उस पर भारी पड़ता है .भूमि इसी पहचान को अपना लेती है.

इम्तियाज अली के बाद अगर किसी वजह से ये सीरीज उत्सुकुता बटोरने में कामयाब रही तो वह हैं फिल्म गली बॉय से मशहूर हुए विजय वर्मा। सस्या के किरदार में विजय ने काम भी काबिले तारीफ किया है। बोलने का उनका हैदराबादी लहजा जमता है। मराठी फिल्म लय भारी में अपने किरदार से हिंदी सिनेमा का ध्यान खींचने वाली अदिति पोहोंकर का किरदार प्रभावी है। सीरीज के आखिरी दो एपीसोड में आकर कहानी का असली विलेन सामने आता है। लेकिन, तब तक दर्शक का मन ऊबने लगता है। नायक के किरदार में कन्नड़ कलाकार किशोर कुमार साउथ के मशहूर विलेन रहे रघुवरन की याद दिलाते हैं। वैसा ही ठंडा दिमाग और वैसा ही क्रूर अंदाज। पूरी सीरिज को देख कर ऐसा लगता है कि ये वेब सीरिज सिर्फ भूमि जैसी दब्बू किरदार के ज्वालामुखी हुश्न को सामने लाने के लिए बनाई गई है .पूरी सीरिज में उसके दो हॉट सीन हैं जो उत्तेजना से ज्यादा घृणा पैदा करते हैं. बहरहाल शौकिंग ट्रीटमेंट के कारण इस वेब्सीरिज को देखना एक अच्छा अनुभव हो सकता है.

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