जब राजकपूर ने साधना को एक्टिंग छोड़ चूल्हा-चौकी की दी सलाह !

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नयी प्रतिभाओं को परखने में राजकपूर का कोई जवाब नहीं था। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को एक-से-एक नगीने दिए लेकिन अभिनेत्री साधना को परखने में उनसे चूक हो गयी। आरम्भ में ही राजकपूर ने साधना को फ़िल्में छोड़कर गृहस्थी बसाने की सलाह दे डाली। राजकपूर की इस भविष्यवाणी के बावजूद साधना 60 के दशक की मशहूर अभिनेत्री बनने में सफल रही। अपने खूबसूरत ललाट और अजीबोगरीब हेयर स्टाइल से उन्होंने युवाओं को अपना दीवाना बना लिया। प्रसिद्धि के शिखर पर पहुँचने के बावजूद राजकपूर की वो टिप्पणी साधना के दिल में टीस बनकर चुभती रही और इसके लिए उन्होंने कभी राजकपूर को माफ़ नहीं किया।

बात 1955 की है। उन दिनों राजकपूर “श्री 420” का निर्माण कर रहे थे. बबीता के पिता हरि शिवदासानी साधना ( साधना के चाचा ) को लेकर राजकपूर के पास पहुंचे और उनसे साधना को अपनी फिल्म में कुछ काम देने की गुजारिश की। हरि भाई के आग्रह पर राजकपूर ने साधना को कोरस गाने वाली लड़कियों में से एक के रूप में चुन लिया।

शूटिंग के दौरान साधना अपने जुल्फों को ख़ास अंदाज़ में झटकती रहती जो राजकपूर को नागवार गुजरता। बार-बार हिदायत देने के बावजूद जब साधना नहीं मानी तो राज साहब उखड़ गए और अपने असिस्टेंड को बुलाकर कहा -उस लड़की से जाकर कह दो कि वो फिल्मों में काम करने लायक नहीं है। बेहतर होगा की शादी कर अपना घर बसा ले।

असिस्टेंड ने राजकपूर का ये सन्देश हू-ब हू साधना तक पहुंचा दिया और साधना सेट से उठकर चली गयी। 1958 में साधना ने “अबाना” नाम की एक सिंधी फिल्म में काम किया। इस फिल्म में साधना की एक्टिंग ने सुबोध मुखर्जी का ध्यान अपनी ओर खींचा और उन्होंने साधना को अपनी एक्टिंग स्कूल में भर्ती कर लिया। मुखर्जी ने साधना की सिफारिश नासिर हुसैन से की लेकिन साधना उन्हें जमी नहीं तो उन्होंने खुद ही साधना को “लव इन शिमला ” के जरिये लांच कर दिया।

फिल्म हिट हो गयी और साधना की गाड़ी भी चल पडी। इसके बाद परख , प्रेमपत्र , एक मुसाफिर एक हसीना और मेरे महबूब जैसी फिल्मों से साधना इंडस्ट्री में स्थापित हो गयी। 1965 में साधना को फिल्म “दूल्हा-दुल्हन” में राजकपूर के अपोजिट कास्ट किया गया। साधना किसी भी कीमत पर राजकपूर के साथ काम करने को राजी नहीं थी लेकिन हरि शिवदासानी के दबाव में वो राजी हो गयी।

शूटिंग के दौरान दोनों एक-दूसरे से बात करना भी पसंद नहीं करते थे। मजबूरन निर्देशक को दोनों की शूटिंग अलग-अलग करनी पड़ी । इन दोनों के इस रवैये ने बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का बेड़ा गर्क कर दिया साथ ही इनके बीच की खाई और चौड़ी हो गयी। हिंदी सिनेमा के इन दो प्रभावशाली कलाकारों की आपसी रंजिश के कारण दर्शकों को फिर कभी इन्हें एक साथ देखना नसीब नहीं हुआ।

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