Birthday Special : जब राम तेरी गंगा मैली की सफलता ने बचाई राजकपूर की जान

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किसी फिल्म की सफलता या असफलता किसी निर्माता या निर्देशक के लिए क्या मायने रखती है, इसे राजकपूर के उदाहरण से समझा जा सकता है. साल 1985 में फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ के निर्माण के दौरान राजकपूर की सेहत बुरी तरह खराब हो चुकी थी. उन्हें लगभग रोज अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते और बचे-खुचे समय में फिल्म की शूटिंग पूरी करते. फिल्म के निर्माण के दौरान एक दिन राजकपूर सेट पर ही बेहोश हो गए. दरअसल उनकी एक किडनी बुरी तरह ख़राब हो गई थी. ऐसा लगता था कि राजकपूर शायद इस फिल्म को पूरा ना कर पाएं. उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया. उनकी तबीयत जब थोड़ी ठीक हुई तो फिल्म पूरी करने के लिए वो डॉक्टरों के साथ ही सेट पर आने लगे और जैसे तैसे शूटिंग पूरी कर इलाज के लिए अमेरिका रवाना हो गए जहां महीनों उनका इलाज चलता रहा.

इसी बीच उनके बेटे रणधीर कपूर ने फिल्म की डबिंग आदि पूरी की और फिल्म को रिलीज करवा दिया. राजकपूर इतने बीमार थे कि फिल्म के प्रीमियर में भी हिस्सा नहीं ले पाए. फिल्म रिलीज हुई और हिट हो गई. जैसे-जैसे फिल्म के कारोबार में उछल आता गया राज कपूर की सेहत में भी सुधार आने लगा. जब तक फिल्म को सुपरहिट घोषित किया गया तब तक राजकपूर पूरी तरह ठीक हो चुके थे. वो India वापस लौटे और इस फिल्म की कामयाबी के लिए एक शानदार पार्टी का आयोजन किया.

इसी पार्टी में राजकपूर ने अपनी अगली फिल्म ‘हिना’ के निर्माण की भी घोषणा की. राजकपूर की ये नई तंदरुस्ती कपूर खानदान के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं थी, क्योंकि डॉक्टर्स ने पहले ही जवाब दे दिया था. और जब राजकपूर पूरी तरह ठीक हो गए तो डॉक्टरों की हैरानी का भी ठिकाना नहीं रहा. लेकिन राजकपूर परिवार की ये खुशी क्षणिक ही साबित हुई. राज साहब तीन साल और जीवित रहे और ख़राब सेहत के कारण ‘हिना’ पूरी नहीं कर पाए. उनके निधन के बाद रणधीर कपूर ने इस फिल्म को पूरा किया.

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