नलिनी जयवंत : किस्मत ने सब कुछ छप्पड़ फाड़ कर वापस ले लिया

0
386
40 और 50 के दशक में नलिनी जयवंत की अदाओं और खूबसूरती का हर कोई दीवाना था. नलिनी को मधुबाला से भी खूबसूरत अभिनेत्री माना जाता था. ऊपर से परदे पर उनकी बोल्डनेस कहर ढा देती थी. नलिनी जयवंत 50 के दशक की सबसे बोल्ड अभिनेत्री थी.

नलिनी जयवंत ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1941 में की थी और 50 के दशक तक आते-आते ‘समाधि’ और ‘संग्राम’ जैसी फिल्मों के जरिए वो टॉप की स्टार बन गईं थीं. अशोक कुमार के साथ उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया गया. अशोक कुमार के साथ नलिनी जयवंत की जोड़ी कामयाब तो हुई, वहीं दोनों के रोमांस की चर्चा भी शुरू हो गई. अशोक कुमार ने अपने परिवार से अलग चेंबूर के यूनियन पार्क इलाके में नलिनी जयवंत के सामने एक बंगला भी ले लिया, जहां वे ज़िंदगी के आखि़री दिनों में भी बने रहे और वहीं प्राण त्यागे. इस जोड़ी ने 1952 में ‘काफिला’, ‘नौबहार’ और ‘सलोनी’ फिर 1957 में ‘मिस्टर एक्स’ और ‘शेरू’ जैसी फ़िल्में कीं. नलिनी जयवंत ने 60 के दशक में अचानक फिल्मों से संन्यास ले लिया, लेकिन 18 सालों बाद उन्होंने फिर से फिल्मों में वापसी की, पर इस बार वो माहौल नहीं था. अब उन्हें लीड कैरेक्टर रोल मिलने शुरू हो गए और उन्होंने उन्हीं में संतुष्टि कर ली और फिर फिल्म इंडस्ट्री हमेशा के लिए छोड़ दी.

प्रोफेशनल जिंदगी में जहां नलिनी राजसी जिंदगी जी रही थीं वहीं असल जिंदगी बड़ी वीरान रही. नलिनी जयवंत का जैसे सभी ने साथ छोड़ दिया था. कोई उनकी खोज-खबर लेने वाला नहीं था सालों तक वो यूं ही गुमनाम और अकेली रहीं. जब उनकी मौत हुई तो किसी को भी पता नहीं चला यहां तक कि पड़ोसियों को भी नहीं. उनकी लाश तीन दिन तक घर में यूंही पड़ी रही…उन तीन दिनों तक ना तो घर में कोई आया और ना ही कोई बाहर गया. उस अंधेरे में नलिनी जयवंत रुखसत हो गईं और लाश वहीं पड़ी रही. दिसंबर, 2010 को नलिनी जयवंत का देहांत हो गया. मोहल्ले के लोगों को उनके देहांत की ख़बर तब हुई, जब एक चौकीदार ने एक व्यक्ति को उस घर से शव को गाड़ी में ले जाते देखा. दरअसल आख़िरी दिनों में उनकी माली काफी खराब हो गई थी और नगरपालिका को ही उनका अंतिम संस्कार करना पड़ा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here