Kader khan died: कनाडा में हुआ अभिनेता कादर खान का 81 साल की उम्र में निधन

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चरित्र अभिनेता के रूप में कादर खान ने कामयाबी का जो मकाम हासिल किया वो बहुत कम लोगों को ही नसीब हुआ होगा. कादर खान एक ऐसे अभिनेता थे जिनके साथ हर बड़ा अभिनेता काम करना चाहता था लेकिन वो एक ऐसे लेखक थे जिनके साथ काम करने से हर बड़ा अभिनेता कतराता था. कहा जाता है कि अभिनेता निर्माताओं के सामने ये शर्त रखने लगे थे कि अगर फिल्म में अभिनय के साथ-साथ संवाद भी कादर खान के होंगे तो बेहतर है वो उनके संवाद किसी और राइटर से लिखवाएं. कादर खान अपने किरदारों के लिए डायलॉग लिखने में गजब की दूरदर्शिता दिखाते थे, जिसकी वजह से उनका पक्षपात का भी आरोप लगता रहा है. लेकिन हकीकत ये भी है कि अमिताभ बच्चन के ज्यादातर पॉपुलर डायलॉग कादार खान की कलम का ही कमाल है. लगभग 300 से अधिक हिंदी फिल्मों में हास्य अभिनेता, खलनायक, सहनायक, चरित्र अभिनेता और संवाद लेखक के रूप में अपना योगदान देनेवाले कादर खान का 81 साल की उम्र में निधन हो गया.

22 अक्टूबर, 1935 को पाकिस्तान के बलूचिस्तान में जन्मे कादर खान को दिलीप कुमार फिल्मों में लेकर आए. कादर खान ने अपने करियर की शुरुआत बतौर शिक्षक के रुप में शुरु की थी. एक बार कॉलेज के वार्षिकोत्सव में उन्हें अभिनय करने का मौका मिला, जहां मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार भी मौजूद थे. उनके बेहतरीन अभिनय से दिलीप इतने अत्यंत प्रभावित हुए और अपनी फिल्म ‘सगीना’ में काम करने का प्रस्ताव रखा. यहीं से कादर खान के अभिनय करियर की शुरुआत हुई.

1977 में आई ‘खून पसीना’ और ‘परवरिश’ की कामयाबी के बाद उनकी गाड़ी चल निकली. कादर खान को ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘मिस्टर नटवरलाल’, ‘सुहाग’, ‘अब्दुल्ला’, ‘दो और दो पांच’, ‘लूटमार’, ‘कुर्बानी’, ‘याराना’, ‘बुलंदी’ और ‘नसीब’ जैसी बड़े बजट वाली फिल्मों में काम करने का मौका मिला. कादर खान ने इन फिल्मों में खलनायक से लेकर हास्य अभिनेता तक की भूमिका निभाते हुए खुद की एक अलग छवि बना ली.

1983 में प्रदर्शित फिल्म ‘कुली’ कादर खान के करियर के लिए काफी लकी साबित हुई. इस फिल्म के बाद उनकी अमिताभ बच्चन के साथ ऐसी जुगलबंदी शुरू हुई जिसे कामयाबी की गारंटी माना जाने लगा. अमिताभ बच्चन के बाद जितेंद्र और फिर गोविंदा के साथ उनकी जोड़ी खूब जमी. दरअसल कादर खान वक़्त की नब्ज को अच्छी तरह समझते हैं. यही वजह है कि उन्होंने हर दौर के नायकों के साथ अपनी जोड़ी जमा ली और एक तरह से उनकी जरूरत ही बन गए. चरित्र अभिनेता से विलेन और फिर हास्य कलाकार के उनके ट्रांसफॉर्मेशन से एक अभिनेता के रूप में उनके कैलिबर को समझा जा सकता है.

बता दें कि 31 दिसंबर 2018 को शाम छह बजे बॉलीवुड के लीजेंड एक्टर कादर खान का कनाडा में निधन हो गया. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे. वे 31 दिसंबर दोपहर को कौमा में चले गए थे. वे 16-17 हफ्ते से अस्पताल में थे. उनका अंतिम संस्कार कनाडा में ही किया जाएगा.

 

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