रोमांटिक सीन के बाद बोर कर देगी जूली-2

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हालही में रिलीज से एक दिन पहले जुली-2 फिल्म का एक वीडियो वायरल हुआ था. फिलहाल आज फिल्म देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गयी है. साउथ एक्ट्रेस राय लक्ष्मी की बॉलीवुड डेब्यू की पहली फिल्म है। मलयालम, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ की कई फिल्मों में काम कर चुकीं राय लक्ष्मी की ये फिल्म कैसी बनी आईये जानते हैं…

यह कहानी जूली यानि फिल्म की हीरोइन राय लक्ष्मी की है जो कि एक नाजायज औलाद है. किन्हीं कारणों से पेरेंट्स उन्हें घर से निकाल देते हैं. यहीं ये जूली की नई लाइफ की शुरुआत होती है. उन्होंने एक्टिंग क्लास की हुई होती हैं इसी के चलते वे फिल्मों में काम की तलाश करने लगती हैं. कई उतार-चढ़ाव और कॉम्प्रोमाइज के बाद उन्हें काम मिलना शुरू होता है.

इसी बीच एक दिन जब जूली एक ज्वैलरी स्टोर में जाती हैं तभी एक हादसा होता है और उन्हें फायरिंग में गोली लग जाती है. इस एक्सीडेंट की वजह से वे आईसीयू में पहुंच जाती हैं. जिस वक्त जूली हॉस्पिटल में भर्ती होती हैं उनके फ्लैशबैक में कई किस्से और लाइफ से जुड़े राज फिल्म में दिखाए जाते हैं. तो क्या जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही जूली बच पाती है? ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी.

फिल्म का डायरेक्शन ठीक ठाक है कहानी काफी रुक-रुक कर चलती है. फिल्म का स्क्रीनप्ले काफी घिसा-पिटा है. वहीं डायलॉग्स भी काफी सुधार की जरुरत है. बात कहानी की करें तो ये 90 के दशक की है जो कि धीमे-धीमे, घिसी-पिटे ढर्रे पर चलती है इसे 21वी सदी में सिर्फ बोल्ड सीन्स की भरमार कर दिखना आपको बोरियत महसूस कराता है.

फिल्म में राय लक्ष्मी की एक्टिंग ठीक-ठाक है. जैसा कि ये हिन्दी में उनकी पहली फिल्म में है इसकी डबिंग काफी गड़बड़ है जो ऑडियंस के डिसकनेक्ट करती है. बाकी कैरेक्टर का काम ठीक है एक्टिंग के नजरिए से फिल्म पर बहुत काम करने की जरूरत है. हालांकि फिल्म में पंकज त्रिपाठी और रवि किशन का काम अच्छा है.

फिल्म का म्यूजिक जैसा की हिट नहीं हुआ. ऐसा कोई सॉन्ग नहीं है जो आपको याद रह सके.
अगर आप ये फिल्म देखने का प्लान कर रहे हैं तो हम तो यही कहेंगे कि ये आपको बहुत ज्यादा निराश कर सकती है। इसलिए वीकेंड पर कोई दूसरी फिल्म देखने का प्लान बनाए.

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