कामिनी कौशल से इश्क़ कर डिप्रेशन में चले गए थे दिलीप कुमार

मुहब्बत में मिली इस नाकामी ने दिलीप कुमार को झकझोर कर रख दिया.

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सन 1948 में बनी फिल्म “शहीद “में नायिका रही कामिनी कौशल की सादगी और शांत स्वभाव ने दिलीप साहब को काफी प्रभावित किया. ये वो दौर था जब पढ़ी-लिखी भले घर की लडकियां फिल्मों में काम करने से कतराती थी. कामिनी कौशल फिल्मों में आने से पहले ही शादीशुदा थी उनके पति बी.एस. सूद मुम्बई ट्रस्ट पोर्ट के वरिष्ठ अधिकारी थे.


 कामिनी ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर चेतन आनंद की फिल्म “नीचा नगर ” से अपनी फ़िल्मी पारी का आगाज किया था. कामिनी का शिक्षित, प्रतिभावान और संभ्रांत खानदान से होना ऐसी चीजें थी जिनके कारण दिलीप कुमार का उनके प्रति गहरा झुकाव हो गया.दिलीप कुमार जानते थे कि कामिनी शादीशुदा है, इसलिए इस मुहब्बत को कोई मंज़िल नहीं मिलने वाली. इसके बावजूद वो दिल के हाथों मजबूर थे. स्वभाव से अति संवेदनशील दिलीप कुमार पर मुहब्बत का ये रंग इस कदर चढ़ा कि वो हकीकत को वो पूरी तरह भुला बैठे.


 दिलीप कुमार और कामिनी कौशल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म था लेकिन खुद दिलीप कुमार अपने संबंधों को लोगों की नजरों से बचाये रखने के प्रति पूरी तरह चौकस थे. बात सार्वजनिक ना हो जाए इसलिए दोनों गुप्त रूप से मिलते. मसलन लोकल ट्रेन का कम्पार्टमेंट इनके मिलने की स्थायी जगह थी.दोनों बेवजह एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन की यात्रा करते. उमंगों से लबालब दिलों के शोर ट्रेन की घड़घड़ाहटों के नीचे दब जाती लेकिन ये सिलसिला कितने दिनों तक चल पाता. बात धीरे-धीरे फैलने लगी और उड़ते-उड़ते कामिनी के घरवालों तक भी पहुँच गयी.


 कामिनी के फौजी भाई अमर कश्यप के कानों तक जब इस रोमांस की खबर पहुँची तो हंगामा खड़ा हो गया. कामिनी के फिल्मों में आने के कारण पहले से ही नाराज भाई के गुस्से की आग और भड़क उठी और वो दिलीप कुमार से दो-दो हाथ करने की धमकियां देने लगे. कामिनी कौशल पर इन धमकियों का ज्यादा असर ना पड़ते देख वो आगबबूला हो उठा.


 एक दिन अमर कश्यप निर्देशक वी एन अरोड़ा की फिल्म “पगड़ी ” के सेट पर पिस्तौल ले कर जा पहुंचे और दिलीप कुमार को ढूंढने लगे. दिलीप साहब वहां नहीं मिले तो वो जबरन कामिनी कौशल का हाथ पकड़कर घर ले जाने की कोशिश करने लगे. यूनिट वालों के बीच-बचाव के कारण वो थोड़े शांत तो हुए मगर इस शर्त पर कि इस फिल्म के बाद कामिनी कौशल आगे से फ़िल्में नहीं करेंगी.


 शूटिंग ख़त्म होने बावजूद दिलीप साहब और कामिनी का मेल-जोल बंद नहीं हुआ तो कामिनी के भाई ने उन्हें आत्महत्या की धमकी देकर डराना शुरू कर दिया. इस धमकी का इतना प्रभाव पड़ा की कामिनी कौशल ने दिलीप कुमार से दूरियां बनानी शुरू कर दी.

दिलीप कुमार को संबंधों में आ रहे ठंडेपन का एहसास होने लगा था इसलिए उनकी बेचैनी बढ़ने लगी. एक शादीशुदा हिन्दू औरत और एक मुस्लिम युवक का प्यार इंडस्ट्री में भी चर्चा का केंद्र बना हुआ था. धीरे-धीरे ये निजी मामला तूल पकड़ता गया. अंत में एक दिन कामिनी के भाई ने आत्महत्या की धमकी को सच कर दिखाया (हालांकि इस आत्महत्या को लेकर कई तरह की बातें कही जाती हैं ) वजह जो भी हो लेकिन इस हादसे के बाद कामिनी कौशल ने खुद को दिलीप कुमार से पूरी तरह दूर कर लिया.

मुहब्बत में मिली इस नाकामी ने दिलीप कुमार को झकझोर कर रख दिया. जिस दिन ये घटना घटी उस दिन दिलीप कुमार के. आसिफ (मुगले -आजम फेम ) के घर पहुँचे और खुद को उनके बाथरूम में बंद कर लिया. आसिफ के साथ बैठी सितारा देवी के कानों में देर तक दिलीप साहब का सिसक-सिसक कर रोना गूंजता रहा.

इस घटना से दिलीप कुमार बुरी तरह टूट चुके थे. उनके दिल पर इसका गहरा असर पड़ा और वो हताशा के शिकार हो गए. कुछ लोगों का कहना है कि इससे उबरने के लिए उन्हें मनोचिकित्सक की सहायता लेनी पड़ी थी.

(साभार-सितारा देवी,मशहूर नृत्यांगना और फिल्म अभिनेत्री)

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