5 Bollywood actresses who hesitate to go nude for their role । Nandna Sen।Sharlin Chopr।Radhika Apte

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बॉलीवुड में nudity या नंगई कामयाबी का जाना-पहचाना फार्मूला है. फिल्मों के जब सारे फॉर्मूले फेल हो जाते हैं तब इस फॉर्मूले को आजमाया जाता है और सौ में अस्सी बार सफल साबित होता है. कामयाबी का ये शार्टकट फॉर्मूला छोटी-बड़ी सभी अभिनेत्रियां आजमाती आई है. लेकिन कभी-कभी जब अभिनेत्रियों ने इस फॉर्मूले के अंदर गहराई से उतरने की कोशिश की तो हंगामा हो गया। फिलहाल बात उन अभिनेत्रियों की जिन्होंने परदे पर लोकलाज का डर छोड़ कपडो को बीमारी की तरह पूरी तरह उतार फेंका और रातों-रात लाइमलाइट में आ गई..

आज के दौर में अगर किसी फिल्मकार के जेहन में nude scene की बात उभरती है तो उसकी आँखों के सामने सिर्फ एक चेहरा आता है और वो है राधिका आप्टे का. राधिका कपड़ों और कचरे में ज्यादा अंतर नहीं समझती और एकझटके में उतार फेंकती हैं. लेकिन अब तक के उनके nude सफर को देख कर ऐसा तो नहीं लगता की किसी को उसके हड्डियों के ढाँचे में कोई interest है. फिर भी राधिका मानने को तैयार नहीं है. अब तक उन्होंने सबसे बड़ा धमाका फिल्म ‘पार्च्ड’ में किया जब उन्होंने आदिल हुसैन के साथ सेक्स सीन तक दे डाला। लेकिन दर्शकों ने इस nude शो को राधिका के कपड़ों की ही तरह डस्टबिन के हवाले कर दिया.

नंदना सेन फिल्म ‘रंगरसिया’ में न्यूड सीन देने के बाद काफी चर्चा में रही थीं और फिल्म में उनके साथ लीड रोल में रणदीप हुड्डा नजर आए थे। फिल्म में नंदना के न्यूड सीन ने खूब सुर्खियां बटोरी लेकिन इससे ना नंदना को और ना ही फिल्म को कोई फायदा हुआ।

अभिनेत्रियों में नंगई का ये शौक काफी पुराना है। सिमी गरेवाल ने 1972 में आई फिल्म सिद्धार्थ में न्यूड सीन से जबरदस्त सुर्खियां बटोरी थीं। ये बॉलीवुड का पहला न्यूड सीन भी था। एक सीन में तो शशि कपूर न्यूड सिमी ग्रेवाल के सामने खड़े थे। इसके अलावा भी फिल्म में काफी बोल्ड सीन्स थे। वेसे सिमी को बॉलीवुड में नंगई का अवार्ड मिलना चाहिए क्योंकि उन्होंने मेरा नाम जोकर सहित कई फिल्मों में नंगई की हद तोड़ी है।

कपूर खानदान और nudity का काफी घनिष्ठ सम्बन्ध है। खासकर राजकपूर तो नंग्नता के उपासक थे। किसी हीरोइन को बिना कपड़ा उतरवाए छोड़ते ही नहीं थे। अभिनेत्रियां भी उनके सौंदर्य बोध पर मुग्ध थी इसलिए राज कपूर ने जब चाहा जैसे चाहा हीरोइनों के कपडे उतरवा लिए लेकिन इनमें मंदाकिनी का नाम सबसे ज्यादा पॉपुलर हुआ. कपूर ने फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ में मन्दाकिनी के हुश्न को धो-धो कर दर्शकों के सामने रखा जैसे सेब या संतरे को धोया जाता है। जाहिर है धोने के बाद खाने या देखने का अनुभव अच्छा ही रहता है। फिल्म को लेकर दर्शकों का अनुभव भी ऐसा था.

मीरा नायर के डायरेक्‍शन में बनी ‘कामसूत्र: ए टेल ऑफ लव’ में इंदिरा वर्मा का जलवा पूरे शबाब पर दिखा. इस पर बैन लगा। फिर फिल्‍म के दो मिनट के न्‍यूड लव मेकिंग सीन पर कैंची भी चली। इस फिल्‍म को 1996 में टोरांटो फिल्‍म फेस्‍ट‍िवल में रिलीज किया गया था। ना फिल्म चली ना इंदिरा लेकिन ये दो मिनट का सीन हमेशा के लिए याद रह गया

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