Aiyaari Movie Review:दिशाहीन कमांडर और चुस्त कलाकार

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नीरज पांडे लीक से हटकर फ़िल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने वेडनेसडे, बेबी, स्पेशल छब्बीस, एम एस धोनी की बायोपिक जैसी फिल्में डायरेक्ट की हैं. अब नीरज अय्यारी लेकर आए हैं जिसमें सेना में होने वाले ‘हनी ट्रेप’ को कहानी का हिस्सा बनाया गया है. पहली बार मनोज बाजपेयी और सिद्धार्थ मल्होत्रा की जोड़ी एक साथ पर्दे पर नजर आ रही है.

अय्यारी की कहानी शुरू होती है कर्नल अभय सिंह (मनोज बाजपेई) और मेजर जय बख्शी (सिद्धार्थ मल्होत्रा) की नोकझोंक से. यह दोनों भारतीय आर्मी के लिए काम करते हैं लेकिन कुछ ऐसे वाकये होते हैं जिनकी वजह से जय अचानक से दिल्ली से गायब होने की फिराक में लग जाता है. वहीं दूसरी तरफ अभय जोकि जय का गुरु है वह स्तब्ध रह जाता है कि आखिरकार जय, भारतीय सेना को धोखा क्यों दे रहा है. कहानी में जय की लव इंटरेस्ट के रूप में सोनिया (रकुल प्रीत) दिखाई देती हैं. कहानी दिल्ली से कश्मीर, लंदन होती हुई वापस दिल्ली आ जाती है. कुछ अहम मुद्दों पर बड़े ही सुलझे तरीके से ध्यान खींचने की कोशिश की गई है. फिल्म का एंड क्या होता है यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

अय्यारी में नीरज पांडे के द्वारा उठाये गए मुद्दे सच्ची घटनाओं पर बताए जा रहे हैं, हालांकि निर्देशक ने आज तक से इंटरव्यू में इसे खारिज किया था.भले ही ये मुद्दे सच्ची घटनाओं पर आधारित ना हों लेकिन मुद्दा तो है ही जिसे नीरज ने बड़ी संजीदगी से पेश भी किया है. कहानी और डायरेक्शन से ज्यादा कैमरा वर्क और रीयल लोकेशन प्रभावित करता है. मनोज बाजपेयी की उम्दा एक्टिंग आपको सीट से बांधे रखने पर मजबूर करती है. सिद्धार्थ मल्होत्रा का सबसे बेस्ट परफॉरमेंस आपको इस फिल्म में देखने को मिलता है. रकुलप्रीत, अनुपम खेर, नसीरुद्दीन शाह, आदिल हुसैन, कुमुद मिश्रा की मौजूदगी फिल्म को और दिलचस्प बनाती है.

फिल्म काफी लंबी लम्बी हो गयी है. फिल्म की एडिटिंग और शार्प की जा सकती थी. गाने कमजोर हैं। फिल्म के कुछ दृश्यों में नीरज पांडेय खुद को दोहराते हुए नजर आते हैं. फिल्म के किरदार बहुत समय तक सीक्वेंस में दिखाई देते हैं जिनकी एडिटिंग बहुत जरूरी थी. साथ ही साथ फ्लैशबैक में सिद्धार्थ और रकुल प्रीत की प्रेम कहानी काफी बोरिंग सी नजर आती है.

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