यश चोपड़ा और रमेश तलवार के बीच सैंडविच बन गई थी पूनम ढिल्लन

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पूनम ढिल्लन ऐसी अभिनेत्री थी जिसे यश चोपड़ा उनकी मर्जी के विरुद्ध फिल्मों में ले कर आये। पूनम ने उनकी फिल्म ‘त्रिशूल’ से एक्टिंग की दुनिया में अपना आगाज किया। इसी फिल्म के दौरान यश चोपड़ा के असिस्टेंड रहे रमेश तलवार पूनम की अदाओं पर मर मिटे और पूनम भी उन्हें पसंद करने लगी थी. लेकिन तलवार ने पूनम को निजी और कारोबारी दोनों फायदे के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया.

त्रिशूल के बाद यश चोपड़ा ने पूनम ढिल्लन को फिल्म नूरी से सोलो हीरोइन के रूप में पेश किया। इस फिल्म को यश चोपड़ा के असिस्टेंड रमेश तलवार निर्देशित करना चाहते थे लेकिन पूनम में तलवार की बढ़ती दिलचस्पी के कारण नाराज यश चोपड़ा ने तलवार के बजाय मनमोहन कृष्णा को इस फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी सौंप दी। ये फिल्म जबरदस्त हिट रही और पूनम ढिल्लन रातो-रात स्टार बन गयी. पूनम के स्टार बनने के बाद तलवार को भी अपने लिए संभावनाएं नजर आने लगी और तलवार पूनम को लेकर निर्माताओं के चक्कर काटने लगे। जाहिर है इससे यश चोपड़ा को तो नाराज होना ही था. लेकिन चोपड़ा ने खुले रूप में अपनी नाराजगी जाहिर नहीं होने दी।

1979 में जब यश चोपड़ा फिल्म ‘काला पत्थर’ बना रहे थे तलवार के कहने पर उन्होंने पूनम ढिल्लन को भी फिल्म में कास्ट किया। इस फिल्म के सेट पर पूनम और तलवार के रोमांस से यश चोपड़ा इतने खफा हुए कि उन्होंने पूनम के साथ शूटिंग जरूर की लेकिन एडिटिंग के दौरान पूनम के पूरे रोल पर कैंची चला दी और वो केवल एक गाने में ही नजर आई। दरअसल यश चोपड़ा खुद भी पूनम ढिल्लन में दिलचस्पी रखते थे लेकिन पूनम तलवार को पसंद करती थी। जाहिर है यश चोपड़ा इससे खुश नहीं थे. काला पत्थर जब रिलीज हुई तो पूनम ढिल्लन इस फिल्म में अपना रोल देख कर सन्न रह गयी। फिल्म हिट रही थी जिसका नतीजा ये हुआ कि दूसरे निर्माता भी पूनम को ऐसे ही रोल ऑफर करने लगे जिसका उनके करियर पर काफी बुरा असर हुआ। जल्द ही पूनम ने चोपड़ा और तलवार दोनों से किनारा कर लिया और अपना करियर सँवारने में जुट गई।

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