अपने पिता की फिल्म में Sunny Deol को हीरो बनाना चाहती थी Dimple Kapadia,निर्देशक ने निकाला बाहर

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डिम्पल कपाडिया सनी देओल के साथ करीब १३ सालों तक इंटेंस रिलेशन में रहे .इस दौरान दोनों एक-दूसरे के करियर को लेकर भी फिकरमंद रहते थे .90 के दशक में डिम्पल कपाडिया का करियर एक बार फिर फर्राटे भरने लगा जबकि सनी का बुरा दौर चल रहा था .ऐसे समय में डिम्पल के फायनेंसर पिता चुन्नी भाई कपाडिया ने जब शशिलाल नायर के निर्देशन में फिल्म ‘अंगार’ की प्लानिंग की तो डिंपल फिल्म की स्वाभाविक हीरोइन थी .लेकिन डिम्पल चाहती थी फिल्म में सनी को बतौर हीरो कास्ट किया जाए .डिम्पल की ये सिफारिश फिल्म के निर्देशक शशिलाल नायर को इतनी नागवार गुजरी की उन्होंने डिम्पल को ही फिल्म से बाहर का रास्ता दिखा दिया.हालांकि बाद में जैकी श्रॉफ के कारण डिम्पल की फिल्म में वापसी हो गई .

1991 में शशिलाल नायर ने मुंबई underworld किंग अमर नायक पर फिल्म ‘अंगार’ बनाने की प्लानिंग की .इस फिल्म के फायनेंस के लिए जब वो चुन्नीभाई कपाडिया के पास पहुंचे तो वो डिंपल को हीरोइन बनाने की शर्त पर फिल्म में पैसा लगाने को तैयार हो गए .लेकिन असली समस्या तब शुरू हो गई जब डिंपल फिल्म में सनी देओल को हीरो बनाने की जिद्द पर अड़ गई. नायर ने इस फिल्म के लिए पहले ही नाना पाटेकर और जैकी श्रॉफ से बात कर रखी थी .वैसे भी जैकी नायर की पहली पसंद थे .सनी को हीरो बनाने से फिल्म का सारा मूड ही बदल जाता .इसलिए नायर डिम्पल की इस सिफारिश को मानने के लिए तैयार नहीं हुए .इस बात से डिंपल बुरी तरह नाराज हो गई और उन्होंने फिल्म छोड़ दी .


दरअसल नायर इस फिल्म के लिए पहले ही काफी पैसा कपाडिया से ले चुके थे इसलिए डिंपल के फिल्म छोड़ देने से भी उनकी सेहत पर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं था .नायर ने डिंपल की जगह दूसरी हीरोइन की तलाश शुरू कर दी और जल्द ही उन्होंने फिल्म के लिए शिल्पा शिरोडकर का नाम फायनल भी कर लिया .इस बार से परेशान चुन्नीभाई कपाडिया ने डिंपल को मनाने की जिम्मेदारी जैकी श्रॉफ को दे दी और आखिरकार जैकी डिम्पल को फिल्म में वापस लाने में सफल रहे.

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